टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) — क्या जानना चाहिए
टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) एक जरूरी कदम है अगर आप सरकारी या निजी स्कूलों में पढ़ाने का करियर बनाना चाहते हैं। यह परीक्षा आमतौर पर दो पेपर में होती है — प्राइमरी (पेपर I) और परिषदीय/माध्यमिक (पेपर II)। कई राज्यों की अलग‑अलग TET और केंद्रीय CTET की अपनी शर्तें होती हैं, लेकिन बेसिक पैटर्न और तैयारी के तरीके मिलते-जुलते रहते हैं।
किसके लिए और क्या योग्यता चाहिए
आमतौर पर प्राइमरी टीचर (कक्षा 1-5) के लिए बाल विकास व पेडागोगी + 2 साल का डीएईडी/टीसी या तीन साल का D.El.Ed/बीएड की आवश्यकता होती है। माध्यमिक/उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8) के लिए स्नातक और बीएड/डीएड जैसे प्रासंगिक शिक्षा योग्यताएं चाहिए। CTET में पासिंग मार्क्स सामान्यतः 60% (90/150) माने जाते हैं; लेकिन कुछ राज्य अपनी न्यूनतम शर्तें रख सकते हैं। आवेदन से पहले संबंधित बोर्ड या आधिकारिक नोटिस जरूर पढ़ें।
परीक्षा पैटर्न और स्मार्ट तैयारी
CTET/TET सामान्यतः बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) वाले होते हैं। पेपर I में विषय सामान्यत: बालविकास व पेडागोगी, भाषा I, भाषा II, गणित और पर्यावरण अध्ययन होते हैं। पेपर II में पेडागोगी के साथ भाषा और विषयगत हिस्से (गणित/विज्ञान या सामाजिक विज्ञान) होते हैं। समय प्रबंधन सबसे बड़ा मुद्दा होता है — 150 प्रश्नों के लिए लगभग 2.5 घंटे होते हैं, इसलिए प्रैक्टिस ही सफलता की कुंजी है।
तैयारी का स्मार्ट प्लान बताऊँ? 3-4 महीने का रूटीन बनाएं: पहले 1 महीने में सिलेबस को पढ़ें और कमजोर हिस्से पहचानें; दूसरे महीने में NCERT किताबों और पिछले साल के प्रश्नपत्र हल करें; तीसरे महीने में विषयवार टेस्ट और मॉक पापा करें; आखिरी महीने में नियमितार्ध मॉक टेस्ट और रिवीजन करें।
कोई भी प्रतियोगी किताबें चुनते समय NCERT की सामग्री और आधिकारिक सिलेबस को प्राथमिकता दें। पेडागोगी के सवालों को हल करने के लिए रोज़ कम से कम 1 घंटा बच्चों की सीखने की तकनीकों और शिक्षण विधियों पर दें—यहां अंक भी आसानी से मिलते हैं।
परीक्षा दिवस के लिए टिप्स: Admit card, पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुँचें। पेपर में पहले आसान प्रश्नों को हल करें, कठिन प्रश्न बाद में छोड़ें; नेगेटिव मार्किंग हो तो संभल कर उत्तर दें।
अंत में, रिजल्ट और प्रमाणपत्र की वैधता राज्य और परीक्षा के अनुसार बदलती है—आधिकारिक सूचना पढ़ना न भूलें। नियमित मॉक, समय प्रबंधन और पेडागोगी पर ध्यान आपकी सफलता तय करेंगे। अच्छे सवाल‑हॉल और सटीक पढ़ाई से TET पास कर आप टीचिंग करियर की मजबूत शुरुआत कर सकते हैं।