भारत ने वेस्टइंडीज को 2-0 से हराकर बनाया टेस्ट सीरीज जीत
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शुरू हुई वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की टेस्ट सीरीज, एक ऐसी धमाकेदार शुरुआत हुई जिसने देशभर के क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन 44.1 ओवर में सिर्फ 162 रन ही बना पाया। उसके बाद भारत ने 448 रन का भारी स्कोर खड़ा किया, जिसमें ध्रुव जुरेल ने अपनी पहली टेस्ट शतक (125) बनाकर नाम दर्ज किया। वेस्टइंडीज की दूसरी पारी भी 146 रन पर खत्म हुई, और भारत ने इनिंग्स और 140 रन से जीत दर्ज की। यह मैच न सिर्फ एक बड़ी जीत था, बल्कि जसप्रीत बुमराह ने जवागल श्रीनाथ के रिकॉर्ड को बराबर कर दिया — घरेलू टेस्ट में 24 पारियों में 50 विकेट लेने वाले सबसे तेज़ भारतीय गेंदबाज बन गए।
दिल्ली में दूसरा टेस्ट: भारत की निर्णायक जीत
दूसरा टेस्ट, जिसका स्थान शुरू में कोलकाता के ईडन गार्डन्स रखा गया था, अंततः अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली में खेला गया। यहां भी भारत ने शुरुआत अच्छी की — पहली पारी में 518 रन का स्कोर खड़ा किया। वेस्टइंडीज ने 248 रन पर अपनी पारी समाप्त की, लेकिन दूसरी पारी में 390 रन बनाकर थोड़ा आशा जगाई। भारत ने अपनी दूसरी पारी में सिर्फ 124 रन बनाए और फिर वेस्टइंडीज को आउट करके 7 विकेट से जीत दर्ज की। यह जीत भारत के लिए सीरीज 2-0 से जीतने का दरवाजा खोल गई।
वेस्टइंडीज की टीम में बदलाव और नए चेहरे
सीरीज से पहले ही वेस्टइंडीज को बड़ी चोटों का सामना करना पड़ा। 26 सितंबर को शमार जोसेफ को चोट के कारण बाहर कर दिया गया, जिसकी जगह 24 साल के जोहान लेन ने ले ली — उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया। फिर 29 सितंबर को अल्जारी जोसेफ की बैक इन्जरी के बाद 22 साल के जेडियाह ब्लेड्स को कॉल किया गया। लेकिन ब्लेड्स ने पहले मैच में कोई विकेट नहीं लिया। दूसरी ओर, खारी पियरे भी अपना डेब्यू कर रहे थे — यह दोनों नए गेंदबाजों के लिए बहुत बड़ा दबाव था।
वेस्टइंडीज के अनुभवी खिलाड़ियों के अकेले प्रदर्शन
हालांकि टीम हार गई, लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने अपनी जगह बनाई। जस्टिन ग्रीव्स (28) ने पहले मैच में 48 गेंदों में 32 रन बनाए। रोस्टन चेस (32) ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दिया — 24 ओवर में 2 विकेट और 90 रन देकर। अलिक अथानेज (26) ने दूसरी पारी में 74 गेंदों में 38 रन बनाकर टीम को थोड़ा आगे बढ़ाया। लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि थी — जॉन कैंपबेल (33) का 1,000 टेस्ट रन पूरे करना। यह उनके लिए एक ऐतिहासिक पल था, जो उनके अनुभव और लगन का सबूत था।
भारत के नए तारे और रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी
भारत की टीम ने न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि कई रिकॉर्ड भी बनाए। ध्रुव जुरेल का टेस्ट डेब्यू शतक — जिसमें 210 गेंदों में 125 रन — बहुत अच्छा था। रवींद्र जडेजा ने दूसरी पारी में 4 विकेट लेकर भारत के लिए अहम भूमिका निभाई। और फिर बुमराह — उन्होंने जवागल श्रीनाथ के 24 पारियों में 50 विकेट के रिकॉर्ड को बराबर कर दिया। यह रिकॉर्ड अब उनके नाम हो गया। साथ ही, शुभमन गिल की कप्तानी को विश्लेषक संजय बंगर ने खास तौर पर सराहा — ‘मुझे दो चीजें बहुत पसंद आईं,’ उन्होंने कहा। गिल की फील्डिंग प्लेसमेंट और बैटिंग ऑर्डर का तरीका उन्हें खासा पसंद आया।
विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में भारत की स्थिति
यह सीरीज इस वर्ष के विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप साइकिल का हिस्सा थी। भारत को पहले मैच में 12 अंक मिले, दूसरे में भी 12 — कुल 24 अंक। वेस्टइंडीज को शून्य। यह नतीजा भारत की घरेलू सीरीज में लगातार शक्ति को दर्शाता है। अगले वर्ष ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए यह अंक बहुत महत्वपूर्ण होंगे।
क्या अगले टेस्ट में वेस्टइंडीज की टीम बदलेगी?
अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने एक बड़ी टीम रीक्रूटमेंट प्रक्रिया शुरू कर दी है। शमार जोसेफ के ठीक होने की उम्मीद है, लेकिन अल्जारी जोसेफ की बैक इन्जरी का रिकवरी टाइम अभी अनिश्चित है। अगर वे अगले टेस्ट में वापस आ गए, तो वेस्टइंडीज की बॉलिंग लाइनअप में बहुत बदलाव आएगा। जेडियाह ब्लेड्स और जोहान लेन ने अच्छा अनुभव लिया है — अब वे टीम का स्थायी हिस्सा बन सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस सीरीज में भारत के लिए कौन सा रिकॉर्ड सबसे बड़ा था?
सबसे बड़ा रिकॉर्ड जसप्रीत बुमराह का था — घरेलू टेस्ट में 24 पारियों में 50 विकेट लेने वाले सबसे तेज़ भारतीय गेंदबाज बन गए। यह रिकॉर्ड पहले जवागल श्रीनाथ के नाम था, जिन्होंने 25 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की थी। बुमराह ने इसे 24 में पूरा कर दिया, जो बहुत ही दुर्लभ है।
वेस्टइंडीज के दो नए खिलाड़ियों का क्या हुआ?
जोहान लेन और खारी पियरे दोनों ने अपना टेस्ट डेब्यू किया। लेन ने पहले मैच में 12.3 ओवर में 2 विकेट लिए, जबकि पियरे ने 11 ओवर में 1 विकेट लिया। दोनों ने अपनी शुरुआत में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन भारत के बल्लेबाजों के सामने उनकी गेंदबाजी थोड़ी असमर्थ रही। अगले सीरीज में वे अधिक अनुभव लेंगे।
दिल्ली का मैच क्यों बदला गया?
मूल रूप से दूसरा टेस्ट कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेलने की योजना थी, लेकिन जून 2025 में BCCI ने इसे अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया। आधिकारिक कारण नहीं बताए गए, लेकिन स्थानीय स्रोतों के मुताबिक, ग्राउंड के बेस्ट ऑपरेशनल स्टेटस और वेन्यू के लिए बेहतर फैसला किया गया।
शुभमन गिल की कप्तानी को क्यों सराहा गया?
संजय बंगर ने गिल की कप्तानी में दो बातें खास तौर पर सराही — पहली, फील्डिंग प्लेसमेंट में बहुत बुद्धिमानी थी, खासकर वेस्टइंडीज के लेफ्ट-हैंड बल्लेबाजों के खिलाफ। दूसरी, बल्लेबाजी ऑर्डर में जुरेल और गिल के बीच बहुत सही तालमेल था। इन छोटी बातों ने टीम को बहुत ताकतवर बना दिया।
भारत के लिए अगला टेस्ट कब है?
अगला टेस्ट नवंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में खेला जाएगा, जिसमें अहमदाबाद और चेन्नई में दो मैच होंगे। यह सीरीज विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में भारत की रैंकिंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया अभी शीर्ष पर है।
वेस्टइंडीज की टीम का भविष्य क्या है?
वेस्टइंडीज की टीम अभी एक नए युग की शुरुआत कर रही है। उनके नए बल्लेबाज और गेंदबाज अनुभव ले रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी भी घरेलू टेस्ट में बल्लेबाजी की स्थिरता और बॉलिंग की गहराई की जरूरत है। अगले 12 महीनों में उनके लिए दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज बहुत महत्वपूर्ण होंगे।
Govind Vishwakarma
दिसंबर 18, 2025 AT 11:08बुमराह ने श्रीनाथ का रिकॉर्ड तोड़ दिया और तुम लोग इसे देखकर भी चुप हो गए? ये टेस्ट क्रिकेट का असली रूप है भाई। वेस्टइंडीज तो बस एक बार आया और चला गया।
Jamal Baksh
दिसंबर 20, 2025 AT 05:06इस सीरीज को देखकर लगता है कि भारतीय क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति बन गया है। ध्रुव जुरेल का डेब्यू शतक, बुमराह का रिकॉर्ड, और नए खिलाड़ियों का उदय - ये सब एक नए युग की शुरुआत है।
Shankar Kathir
दिसंबर 21, 2025 AT 05:23देखो यार, वेस्टइंडीज के नए बल्लेबाज जोहान लेन और खारी पियरे ने अच्छा डेब्यू किया। दोनों के लिए ये बहुत बड़ा मौका था, और उन्होंने अपना बेस्ट दिया। बुमराह की गेंदबाजी का तो बस एक अलग ही स्तर था - उन्होंने न सिर्फ विकेट लिए, बल्कि टीम की भावना भी बदल दी। जडेजा की दूसरी पारी की बॉलिंग भी बहुत बेहतरीन थी, जब वेस्टइंडीज ने रन बनाने की कोशिश की, तो उनकी गेंदों ने उन्हें घेर लिया। शुभमन गिल की कप्तानी में भी बहुत सोच समझ दिखी, खासकर फील्डिंग प्लेसमेंट में जहां उन्होंने लेफ्ट-हैंडर्स के खिलाफ एक्स्ट्रा कवर डिलीवरी डाली। और फिर वो 140 रन का इनिंग्स विक्टरी - ये तो बस एक जीत नहीं, बल्कि एक विज्ञापन था कि भारत अब टेस्ट क्रिकेट का असली नायक है।
Bhoopendra Dandotiya
दिसंबर 23, 2025 AT 02:30क्या कभी सोचा है कि जब बुमराह ने श्रीनाथ का रिकॉर्ड तोड़ा, तो वो न सिर्फ एक खिलाड़ी बन गए - बल्कि एक अर्थ बन गए। उनकी गेंदें जैसे कह रही थीं - ‘मैं यहाँ हूँ, और मैं चला जाऊँगा नहीं।’
Firoz Shaikh
दिसंबर 23, 2025 AT 17:20इस सीरीज के विश्लेषण के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि यह है कि भारत ने न केवल जीत हासिल की, बल्कि एक नए नेतृत्व के ढांचे को स्थापित किया। शुभमन गिल की कप्तानी, जिसमें रणनीतिक बुद्धिमत्ता और टीम के प्रति समर्पण का मिश्रण था, भविष्य के लिए एक आदर्श बन गया है। इसके साथ ही, ध्रुव जुरेल का डेब्यू शतक और बुमराह का रिकॉर्ड बराबर करना एक ऐतिहासिक घटना है, जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्थायी रूप से दर्ज होगा।
Uma ML
दिसंबर 24, 2025 AT 12:27अरे यार भाई बुमराह का रिकॉर्ड तोड़ना कोई बात नहीं है, लेकिन ये सब बस टीवी पर दिखाने के लिए है। वेस्टइंडीज को तो बस एक टीम बनाकर भेज दिया गया था जो बिना तैयारी के आई थी। इसे जीतना तो बस एक बात थी।
Ayushi Kaushik
दिसंबर 26, 2025 AT 00:16ये टीम जिसने बुमराह के नाम पर रिकॉर्ड बनाया, उसमें हर एक खिलाड़ी का योगदान है। नए लोगों को मौका देना, उनकी गलतियों को समझना, और उन्हें आगे बढ़ने का साहस देना - यही तो असली नेतृत्व है। जॉन कैंपबेल के 1000 रन और जोहान लेन का डेब्यू - ये भी इसी बड़े चित्र के हिस्से हैं।
Basabendu Barman
दिसंबर 27, 2025 AT 06:37अरे यार, ये सब तो बस बीसीसीआई का नाटक है। दिल्ली में मैच क्यों बदला? क्योंकि वो जानते थे कि वेस्टइंडीज जीत नहीं पाएगा। और बुमराह का रिकॉर्ड? ये तो फैक्ट नहीं, फेक न्यूज़ है। श्रीनाथ के रिकॉर्ड को बराबर करने के लिए बुमराह को 24 पारियों में विकेट लेने के लिए जानबूझकर बॉलिंग लाइनअप बनाई गई। ये सब नियोजित है।
Krishnendu Nath
दिसंबर 27, 2025 AT 21:32बुमराह जी ने जब विकेट लिया तो मैं उछल पड़ा था भाई जी ये तो जादू है ना ये टेस्ट क्रिकेट बस बहुत बढ़िया है
dinesh baswe
दिसंबर 28, 2025 AT 16:18इस सीरीज का सबसे बड़ा पहलू यह है कि भारत ने नए खिलाड़ियों को अवसर दिया और उनके साथ जुड़कर एक नए विचारधारा का निर्माण किया। बुमराह की बॉलिंग, जडेजा की बुद्धिमत्ता, और शुभमन गिल की कप्तानी - ये तीनों एक नए युग के आधार हैं। वेस्टइंडीज के नए खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव उनके भविष्य के लिए एक निर्णायक मोड़ होगा।
Boobalan Govindaraj
दिसंबर 29, 2025 AT 05:22हां भाई बुमराह का रिकॉर्ड तोड़ना बहुत बड़ी बात है लेकिन यार ध्रुव जुरेल का शतक भी तो बहुत बढ़िया था उसके बाद जडेजा ने जो बॉलिंग की वो तो जानवर बन गए ये टीम अब दुनिया की सबसे ताकतवर है
mohit saxena
दिसंबर 29, 2025 AT 13:56ये टीम बस जीत रही है नहीं, बल्कि बन रही है। बुमराह का रिकॉर्ड तोड़ना तो बड़ी बात है, लेकिन जोहान लेन और जेडियाह ब्लेड्स को मौका मिलना - ये तो भविष्य का संकेत है।
Sandeep YADUVANSHI
दिसंबर 31, 2025 AT 09:51अरे भाई, बुमराह का रिकॉर्ड तोड़ना बहुत बड़ी बात है लेकिन अगर तुम इसे बार-बार दोहराते हो तो ये रिकॉर्ड बोरिंग हो जाता है। वेस्टइंडीज को तो बस एक टीम भेज दी गई जो बिना ट्रेनिंग के आई थी।
Vikram S
जनवरी 1, 2026 AT 17:11बुमराह का रिकॉर्ड? बेशक! लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि वेस्टइंडीज की टीम को जानबूझकर कमजोर बनाया गया था? अल्जारी जोसेफ की चोट? शमार जोसेफ का बाहर होना? ये सब बीसीसीआई के लिए एक स्क्रिप्ट थी। और शुभमन गिल? उनकी कप्तानी तो बस एक बात है - एक बच्चे को कप्तान बनाया गया ताकि वो टीवी पर अच्छा दिखे।
nithin shetty
जनवरी 3, 2026 AT 09:54बुमराह के 50 विकेट 24 पारियों में लेना बहुत बड़ी बात है लेकिन श्रीनाथ के 25 में 50 विकेट के बाद भी उनका रिकॉर्ड बराबर होना चाहिए था ना? क्योंकि ये तो दोनों ने अलग-अलग एरा में किया था।
UMESH joshi
जनवरी 4, 2026 AT 02:58इस जीत का मतलब बस रन और विकेट नहीं है - ये एक नए अर्थ की शुरुआत है। जब एक टीम अपने नए खिलाड़ियों को भरोसा करती है, तो वो अपने अतीत के रिकॉर्ड को नहीं, बल्कि अपने भविष्य के लिए खेलती है। बुमराह ने श्रीनाथ का रिकॉर्ड तोड़ा, लेकिन ध्रुव जुरेल ने एक नए नाम की शुरुआत की। ये तो जीत नहीं, एक पीढ़ी का बदलाव है।
pradeep raj
जनवरी 5, 2026 AT 19:09इस सीरीज के विश्लेषण में एक गहरी व्यवस्था दिखती है - एक ऐसी टीम जिसने अपने खिलाड़ियों के व्यक्तिगत विकास को टीम के लक्ष्य के साथ समेकित किया। बुमराह का रिकॉर्ड तोड़ना एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, लेकिन शुभमन गिल की कप्तानी और जडेजा की बॉलिंग रणनीति एक संगठित दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करती है। वेस्टइंडीज के नए खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव एक आधार बन गया है, जो उन्हें भविष्य में अधिक स्थिरता और आत्मविश्वास देगा।