माँ चंद्रघंटा — सरल पूजा विधि, मंत्र और असर
क्या आप जानते हैं कि माँ चंद्रघंटा को साहस और शांति देने वाली देवी माना जाता है? चंद्रघंटा के माथे पर चंद्रमा और उनकी घंटी जैसी मुद्रा उन्हें भीड़ में अलग पहचान देती है। नवरात्रि के तीसरे दिन विशेष रूप से उनकी पूजन-आराधना की जाती है। अगर आप डर, मानसिक अस्थिरता या घरेलू परेशानियों से राहत चाहते हैं, तो चंद्रघंटा की साधना सरल और असरदार हो सकती है।
उनकी मूर्ति या चित्र पर चंद्रमा और घंटी का ध्यान करने से मन शांत होता है। चंद्रघंटा आपको भय, शत्रुता और नकारात्मक ऊर्जा से बचाने की क्षमता देती हैं। यह पूजा किसी भी उम्र के व्यक्ति कर सकता है — सुबह जल्दी अथवा नवरात्रि में तीसरे दिन।
पुजा की आसान विधि
यह विधि सीधी है और रोज़मर्रा के लिए उपयुक्त है। सामग्री तैयार रखें: देवी की तस्वीर/मूर्ति, दीपक, धूप, लाल या पीले फूल, चावल, हल्दी, रोली, पानी और प्रसाद (फलों या भ्रमराहार)।
- सबसे पहले स्वच्छ घर और साफ कपड़े पहन लें। सुबह स्नान कर शुद्ध मन से बैठें।
- मूर्ति/चित्र को पूर्व या उत्तर की ओर रखें। दीपक और धूप जलाएँ।
- कुमकुम, हल्दी और चावल चढ़ाएं। सफेद या पीले फूल अर्पित करें — ये रंग चंद्रमा से जुड़े हैं।
- मुख्य मंत्र 11, 21 या 108 बार जपें। जप के बाद थोड़ी देर शांत बैठकर ध्यान करें और घंटी की मृदु आवाज रखें।
- अर्चना के बाद आरती करें और प्रसाद वितरित करें। रोज़ाना की साधना 9 दिन या नवरात्रि के तीसरे दिन विशेष फल देती है।
उपवास: यदि आप उपवास करना चाहें तो एक बार भोजन लेकर हल्का व्रत रख सकते हैं। मांस व शराब से परहेज़ रखें।
मंत्र, रंग और लाभ
प्रमुख मंत्र (सादा): "ॐ चंद्रघंटायै नमः"।
थोड़ा विस्तार चाहें तो: "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चंद्रघंटायै नमः"। इस मंत्र का अर्थ सरल शब्दों में है — मैं माँ चंद्रघंटा को प्रणाम करता/करती हूँ जो भय हराती और साहस देती हैं।
रंग: सफेद, पीला और सुनहरा शुभ माने जाते हैं। रत्न: मोती (पर्ल) चंद्र से जुड़ा माना जाता है, जो मन को शांत रखता है।
माँ चंद्रघंटा के जाप और पूजा से मिलने वाले सामान्य लाभ:
- भीतर का डर कम होना और आत्मविश्वास बढ़ना।
- परिवार में शांति और विवेक का वृद्धि।
- शत्रुता व नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा।
- रिश्तों में मजबूती, विशेषकर वैवाहिक सुख में सुधार।
एक छोटा सुझाव: अगर आप रोज़ाना 21 जप सुबह कर लें और रात को हल्की अरती कर दें, तो कुछ ही दिनों में मन में स्पष्टता और हल्की ऊर्जा का अनुभव होगा। पूजा में लगातारता और सादगी ज़्यादा असर देती है।
अगर आप आज पूजा शुरू करना चाहते हैं तो थोड़ी तैयारी कर के सुबह ही आरंभ करें — सरल भक्ति ज्यादा असर दिखाती है।