सम्राट चौधरी बने बिहार के पहले BJP मुख्यमंत्री, JDU के दो डिप्टी CM

सम्राट चौधरी बने बिहार के पहले BJP मुख्यमंत्री, JDU के दो डिप्टी CM
15 अप्रैल 2026 0 टिप्पणि jignesha chavda

बिहार की राजनीति में एक ऐसा मोड़ आया है जिसकी उम्मीद तो थी, लेकिन हकीकत अब सामने है। सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री ने बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह कोई मामूली घटना नहीं है, क्योंकि वे राज्य के इतिहास में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से मुख्यमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं। पटना के लोक भवन में आयोजित इस समारोह ने राज्य में सत्ता के केंद्र को पूरी तरह बदल दिया है।

यहाँ बात यह है कि बिहार लंबे समय से नीतीश कुमार और JDU के इर्द-गिर्द घूमता रहा। लेकिन इस बार पासा पलट गया। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों को गोपनीयता और पद की शपथ दिलाई। दिलचस्प बात यह रही कि समारोह के समय को लेकर काफी अफरा-तफरी रही; कहीं इसे 10:30 बजे बताया गया, तो कहीं 11:00 बजे। खैर, अंततः नई सरकार ने अपनी पारी शुरू कर ही दी।

NDA के भीतर समीकरण और सत्ता का नया ढांचा

इस पूरी प्रक्रिया की नींव मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को ही पड़ गई थी। पहले भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल की बैठक हुई, जहाँ सम्राट चौधरी को नेता चुना गया। इसके तुरंत बाद, NDA के साझा विधायक दल ने भी उन्हें अपनी पसंद बनाया। यह सब हालिया विधानसभा चुनावों में NDA की बड़ी जीत के बाद हुआ है, जिसने भाजपा को ड्राइविंग सीट पर बैठा दिया।

लेकिन राजनीति में कोई भी अकेला नहीं चलता। गठबंधन के संतुलन को बनाए रखने के लिए जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कोटे से दो बड़े नाम सामने आए। विजय चौधरी और बीजेंद्र यादव ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह साफ़ संकेत है कि सत्ता भले ही BJP के हाथ में हो, लेकिन शासन चलाने में JDU की हिस्सेदारी बरकरार रहेगी।

एक बात जो चर्चा का विषय बनी रही, वह थी नीतीश कुमार के बेटे निशान कुमार की स्थिति। सूत्रों की मानें तो उनके मंत्री पद को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं आई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उन्हें कैबिनेट में जगह मिलती है या पार्टी उन्हें अभी अनुभव लेने देना चाहती है। (सियासी गलियारों में तो यह चर्चा आम है!)

लोक भवन में जश्न और दिग्गजों का जमावड़ा

शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयारियां मंगलवार शाम से ही शुरू हो गई थीं। लोक भवन में वीआईपी कुर्सियों की कतारें और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। बिहार विधानसभा के सभी 243 विधायकों को आमंत्रित किया गया था, जिससे यह आयोजन किसी बड़े राजनीतिक उत्सव जैसा लग रहा था।

समारोह में दिल्ली से आए दिग्गजों की लंबी फेहरिस्त थी। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवन, चुनाव ऑब्जर्वर रहे शिवराज सिंह चौहान और संगठन सचिव बी.एल. संतोष की मौजूदगी ने इस पल की अहमियत बढ़ा दी। इसके अलावा संजय जायसवाल, नित्यानंद राय, रविशंकर प्रसाद और चिराग पासवान जैसे केंद्रीय मंत्रियों ने भी इस ऐतिहासिक बदलाव पर अपनी मुहर लगाई।

एक खास बात, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी इस मौके पर मौजूद रहे। उनके चेहरे के भाव शायद यह बयां कर रहे थे कि अब बिहार की कमान एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। शपथ लेने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी सीधे पटना स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहाँ कार्यकर्ताओं ने फूलों और मिठाइयों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। वहाँ की रसोई में पूड़ियाँ और सब्जियां बन रही थीं, जो एक देसी अंदाज़ में जीत का जश्न मना रही थीं।

बिहार की राजनीति में इस बदलाव का क्या अर्थ है?

दशकों तक बिहार की सत्ता नीतीश कुमार के प्रभाव में रही। अब जब पहली बार BJP का कोई चेहरा मुख्यमंत्री बना है, तो कई सवाल खड़े होते हैं। क्या यह केवल एक गठबंधन समझौता है या फिर बिहार में 'कमल' की जड़ें इतनी गहरी हो गई हैं कि अब वह नेतृत्व करने के लिए तैयार है? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम राज्य में प्रशासनिक ढांचे और विकास की प्राथमिकताओं को बदल सकता है।

इस बदलाव का असर आने वाले दिनों में नौकरशाही और जिला प्रशासन पर भी दिखेगा। अब तक JDU का जो प्रभाव था, उसकी जगह अब BJP के विजन को प्राथमिकता मिल सकती है। हालांकि, दो डिप्टी सीएम का होना यह सुनिश्चित करता है कि सरकार चलाने में खींचतान कम हो और समन्वय ज्यादा रहे।

भविष्य की राह और चुनौतियां

सम्राट चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है नीतीश कुमार द्वारा छोड़ी गई विरासत को संभालना और साथ ही BJP की अपनी विचारधारा को लागू करना। उन्हें न केवल JDU के सहयोगियों को साथ रखना होगा, बल्कि राज्य के उन हिस्सों में भी पैठ बनानी होगी जहाँ अभी भी विपक्ष मजबूत है।

अगले कुछ हफ्तों में बाकी मंत्रियों की शपथ ग्रहण और पोर्टफोलियो का बंटवारा होगा। यह देखना होगा कि कैबिनेट में किन नए चेहरों को मौका दिया जाता है और क्या वह पुराने दिग्गजों को संतुष्ट कर पाएंगे या नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार के पहले BJP मुख्यमंत्री कौन बने हैं?

सम्राट चौधरी 15 अप्रैल 2026 को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य के इतिहास के पहले BJP मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने पटना के लोक भवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन की उपस्थिति में शपथ ली।

नए मुख्यमंत्री के साथ कौन उपमुख्यमंत्री बने हैं?

गठबंधन समीकरणों के तहत JDU के दो वरिष्ठ नेताओं, विजय चौधरी और बीजेंद्र यादव को उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। यह व्यवस्था BJP और JDU के बीच सत्ता साझाकरण समझौते का हिस्सा है।

शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन शामिल हुए?

समारोह में BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवन, शिवराज सिंह चौहान, बी.एल. संतोष और कई केंद्रीय मंत्री जैसे रविशंकर प्रसाद और चिराग पासवान शामिल हुए। साथ ही बिहार विधानसभा के सभी 243 विधायकों को भी आमंत्रित किया गया था।

यह बदलाव बिहार की राजनीति के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

यह महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार लंबे समय तक नीतीश कुमार और JDU के नेतृत्व में रहा। पहली बार BJP का मुख्यमंत्री बनना यह दर्शाता है कि राज्य की राजनीति में भाजपा का प्रभाव अब निर्णायक स्तर पर पहुंच गया है, जो शासन की दिशा बदल सकता है।

निशान कुमार की भूमिका को लेकर क्या अपडेट है?

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशान कुमार के मंत्री पद को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, उनकी भूमिका के बारे में अभी स्पष्टता नहीं है और यह आने वाले समय में तय होगा।